मूल अधिकार Fundamental Rights मूल अधिकार संविधान द्वारा प्रदान किए गए हैं। मूल अधिकार मौलिक एवं आधारभूत हैं। सभी व्यक्तियों को इनका उपभोग करने का अधिकार है। देश के प्रत्येक नागरिक के संतुलित एवं उत्तरदायित्व पूर्ण व्यक्तित्व के विकास के लिए यह अधिकार नितांत आवश्यक है। यदि किसी नागरिक को इन अधिकारों से वंचित किया जाता है तो वह सर्वोच्च न्यायालय की शरण में जा सकता है। यही एक महत्वपूर्ण कारण है जो इन अधिकारों को मौलिक स्वरूप प्रदान करता है लोकतांत्रिक देश होने के कारण यहां के सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान किए गए मौलिक अधिकारों का वर्गीकरण निम्न प्रकार हैं- 1. समानता का अधिकार भारत के संविधान अनुसार राज्य के सभी नागरिकों को कानून का संरक्षण समान रूप से प्राप्त है। यानी क्षमता के अधिकारों में यह बात नहीं है कि जाति लिंग जन्म स्थान वर्ण अथवा पंथ के आधार पर राज्य नागरिकों में भेदभाव नहीं करेगा। सभी व्यक्ति सरकारी नौकरी हेतु आवेदन कर सकते हैं। राज्य नियुक्तियों में कोई भेदभाव नहीं करेगा। राज्य सेवाओं में आरक्षण के द्वारा पिछड़े वर्ग के लोगों के पर्याप्त प्रतिनिधित्व का प...
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